रविवार, मई 13, 2007

खुशबू की ज़बां में बोलो सभी

गुलज़ार : एक व्यक्तित्व, एक नाम, एक एहसास, एक खुशबू...

एक ने कहानी गढ़ी, सुनाई, एक ने गीत बुने, नज़्में पहनाई
एक ने आवाज़ से, एक ने अल्फ़ाज़ की ख़ुशबू से मेरी ज़िन्दगी महकायी
कई गुलज़ार हैं, इक गुलज़ार का बदन ओढ़े हुए

आइये इस ख़ुशबू को बांटे और फैलायें

2 टिप्‍पणियां:

v9y ने कहा…

बढ़िया पवन. ख़ुशआमदीद.

Priya ने कहा…

Wow pawan ji Likhte to aap bhi badiya hai :-)